कोई आप को हर क्षण देख रहा है
एक सत्य ईश्वर के नाम से जो बड़ा कृपाशील, है ।
ज्यादातर मनुष्य ईश्वर को मानते है आस्था (ईमान) भी रखते है लेकिन जानते नही है, जानने और मनाने में बहुत बडा फर्क है, इसलिए ज्यादातर मनुष्य दुनियां के सामने तो सज्जन, शिष्टाचारी, कर्मशील, दानशील, दयावान बने रहते है, लेकिन गुप्तरूप (छिपे) से सारे बुरे कर्म-क्रत्य करते रहते है, अपनी शक्ति सामर्थ से *किसी की जमीन हड़प ली, किसी का धन, किसी का उधार, किसी को डराया, धमकाया, और नाना प्रकार के बुरे कार्य किये फिर सोचता है मुझे कोई नही देख रहा है, किन्तु यह भूल जाता है कि ईश्वर अन्तर्यामी और सर्वशक्तिमान है वो हर मनुष्य के मन और मस्तिष्क की बातों को और उसके हर छुपे कर्म को जानता है, जिस दिन जो मनुष्य इस बात को जान लेगा की ईश्वर मुझे हर क्षण देख रहा है उस दिन से वो वास्तव में आस्थावान और सच्चा भक्त बन जायेगा, धर्मग्रन्थ कहते है ।
यो नः पिता जनिता यो विधाता धामाति वेद भुवनानि विश्वा।
जो हमारा पालक एवं उत्पन्न करने वाला है जो विधाता है, वही जगत के सब स्थानों और लोकों को जानता है।
वेद (ऋग्वेद 10:82:3)
कुल ला य - लमु मन् फिस्समावाति वल अर्जिल गैबि इल्लल्लाहु।
इनसे कहो कि एक सत्य ईश्वर के सिवाय आकाशों व पृथ्वी में कोई ढकी छिपी बातों का ज्ञान नहीं रखता ।
क़ुरान (सुराह नमल 27:65)
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शान्ति का पैग़ाम
