क्या वो सर्वशक्तिमान एक ही है ?
शुरू से मनुष्य इस खोज में रहा कि इस सृष्टि का रचेयता कौन है वो एक है या अनेक है, हम अगर थोड़ी सी बुद्धि और विवेक का उपयोग करे तो पता लगता है वो सर्वशक्तिमान सिर्फ एक ही है, अगर एक से ज्यादा होते तो ये सृष्टि चल नही सकती है, मिसाल के तौर पर अगर किसी गुलाम के तीन मालिक हो और किसी का एक, तो दोनों में से कौन सुखी होगा, जिसका एक है, या जिसके तीन है, क्योंकि वह एक ही समय में तीन मालिको के आदेश का पालन नही कर सकता तो वो खुद भी दुखी होगा और मालिक भी संतुष्ट नही होंगे अगर एक ही मालिक है तो गुलाम भी संतुष्ट होगा और मालिक भी, सार ये है के हमारी बुद्धि भी इसी सिद्धांत को स्वीकार करती है, सारे धर्मग्रंथ भी यही बात कहते है ।
मा चिद अन्यत विशंसत सखायो मा रिषणयत
अर्थ : एक ईश्वर के अतिरिक्त किसी दूसरे की भक्ति-उपासना करके स्वयं का भरष्ट-विनाश न करो ।
वेद (ऋग्वेद 8:1:1)
وَاِلٰهُكُمۡ اِلٰهٌ وَّاحِدٌ ۚ لَآ اِلٰهَ اِلَّا هُوَ الرَّحۡمٰنُ الرَّحِيۡمُ ۞
अर्थ : तुम्हारा ईश्वर एक ही ईश्वर है, उस दयावान सतत कृपाशील के अतिरिक्त कोई दूसरा ईश्वर कदापि नही है
कुरान (सुराह बक़रह 2/163)
आदि सचु जुगादि सचु ॥ है भी सचु नानक होसी भी सचु ।।
अर्थ: हे नानक! अकाल पुरख आरम्भ से ही अस्तित्व वाला है, युगों के आरम्भ से मौजूद है। इस समय भी मौजूद है और आगे भी अस्तित्व में रहेगा
श्री गुरु ग्रन्थ साहिब (जपु 1)
यहोवा वास्तव में परमेश्वर है, जीवित परमेश्वर और सदा का शाशक वही है
Bible (Book Yamiyah 10: 10)
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शांति का पैग़ाम
